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प्रबोधसुधाकर • अध्याय 18 • श्लोक 24
भूतसमत्वं नृहरेः समो हि मशकेन नागेन । लोकैः समस्त्रिभिर्वेत्युपनिषदा भाषितः साक्षात् ॥
उपनिषदों ने भी मच्छर से लेकर हाथीपर्यन्त त्रिलोकी के समस्त जीवों में भगवान्‌ की समता साक्षात् बतायी है।
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