गोपों ने भी अपने-अपने बालकों का सिर सूँघते हुए उन्हें उठा लिया। इस प्रकार उस समय एक क्षण के लिये वहाँ अलौकिक उत्साह की वृद्धि हुई।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
प्रबोधसुधाकर के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
प्रबोधसुधाकर के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।