अहो! खेद की बात है कि अत्यन्त पवित्र, अति सुन्दर रसमयी और मनोहारिणी हरिकथा को छोड़कर ये कर्णयुगल अन्य ग्राम्य-वार्ताओं के सुनने में श्रद्धा प्रकट करते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
प्रबोधसुधाकर के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
प्रबोधसुधाकर के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।