मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
प्रबोधसुधाकर • अध्याय 16 • श्लोक 9
ग्राम्यकथासूद्वेगः सुतीर्थगमनेषु तात्पर्यम् । यदुपतिकथावियोगे व्यर्थं गतमायुरिति चिन्ता ॥
अश्लील बातों से घृणा करना, पुण्य-तीर्थ-स्थानों में जाने के लिये तत्पर रहना तथा 'भगवत्कथा- श्रवणादि के बिना यह आयु व्यर्थ ही बीत गई' ऐसी चिन्ता करना - ये सब स्थूल-भक्ति के लक्षण हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
प्रबोधसुधाकर के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

प्रबोधसुधाकर के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें