और भगवान्ने भी उन दोनों रूपों के (व्यक्तोपासक तथा अव्यक्तोपासक - भेद से) दो प्रकार के भक्त बताये हैं। इनमें से एक (अव्यक्तोपासक) को क्लेश से और दूसरे (व्यक्तोपासक) को सुगमता से मुक्ति मिलती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
प्रबोधसुधाकर के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
प्रबोधसुधाकर के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।