सिद्ध्यारम्भस्थिरताविश्रमविश्वासबीजशुद्धीनाम् ।
उपलक्षणं हि मनसः परमं नादानुसन्धनम् ॥
नादानुसन्धान मन के लिये सिद्धि के आरम्भ, स्थिरता, विश्राम, विश्वास और वीर्य-शुद्धि का बतलाने वाला परम चिह्न है।
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