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प्रबोधसुधाकर • अध्याय 10 • श्लोक 9
येनोदकेन कदलीचम्पकजात्यादयः प्रवर्धन्ते । मूलकपलाण्डुलशुनास्तेनैवैते विभिन्नरसगन्धाः ॥
जिस जल से केला, चम्पा और जाती आदि के पौधे बढ़ते हैं, उसी से सर्वथा भिन्न रस और गन्धवाले मूली, प्याज और लहसुन आदि भी पोषित होते हैं।
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