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प्रबोधसुधाकर • अध्याय 10 • श्लोक 7
दैवादेकशरावे भग्ने किं वा विलीयते सूर्यः । प्रतिबिम्बचञ्चलत्वादर्कः किं चञ्चलो भवति ॥
दैवयोग से यदि एक शकोरा टूट जाय तो क्या उससे सूर्य का लय हो जाता है? जल की चञ्चलता के कारण प्रतिविम्ब के चलायमान होने से क्या सूर्य भी चञ्चल हो जाता है?
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