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प्रबोधसुधाकर • अध्याय 1 • श्लोक 8
स्त्रीपुंसोः संयोगात्सम्पाते शुक्रशोणितयोः । प्रविशञ्जीवः शनकैः स्वकर्मणा देहमाधत्ते ॥
स्त्री और पुरुष के संयोग से रज और वीर्य का मेल होने पर जीव अपने कर्मानुसार गर्भ में प्रवेश करके धीरे-धीरे देह धारण करता है।
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