क्षतमुतन्नं देहे यदि न प्रक्षाल्यते त्रिदिनम् ।
तत्रोत्पतन्ति बहवः क्रिमयो दुर्गन्धसंकीर्णाः ॥
शरीर में यदि थोड़-सा घाव हो जाय और उसको तीन दिन भी न धोया जाय तो दुर्गन्ध के कारण उसमें बहुत-से कीड़े पड़ जाते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
प्रबोधसुधाकर के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
प्रबोधसुधाकर के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।