जन्म के अनन्तर भी आधि, व्याधि, वियोग, सवजनो की विपत्ति, कलह और बहुत समय तक रहने वाली दरिद्रता आदि से जितना दुःख उठाना पड़ता हैं क्या उसका वर्णन किया जा सकता है।
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