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पिंगलागीता • अध्याय 1 • श्लोक 56
अत्र पिङ्गलया गीता गाथाः श्रूयन्ति पार्थिव। यथा सा कृच्छ्रकालेऽपि लेभे धर्म सनातनम् ॥
राजन्! इस विषय में पिंगला की गायी हुई गाथाएँ सुनी जाती हैं, जिसके अनुसार चलकर संकटकाल में भी उसने सनातन धर्म को प्राप्त कर लिया था।
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