वह कामनाओं में से जिस-जिसका परित्याग कर देता है, वही उसके सुख की पूर्ति करने वाली हो जाती है। जो पुरुष कामनाओं का अनुसरण करता है, वह उन्हीं के पीछे नष्ट हो जाता है।
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