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पिंगलागीता • अध्याय 1 • श्लोक 31
बुद्धिमन्तं च शूरं च मूढं भीरुं जडं कविम् । दुर्बलं बलवन्तं च भागिनं भजते सुखम् ॥
बुद्धिमान्, शूरवीर, मूढ़, डरपोक, गूँगा, विद्वान्, दुर्बल और बलवान् जो भी भाग्यवान् होगा - दैव जिसके अनुकूल होगा, उसे बिना यत्न के ही सुख प्राप्त होगा।
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