फिर जब निद्रारूप अजगर के चंगुल में फँस जाता है, तब अज्ञानरूप घोर अन्धकार में डूबकर सूने वन में फेंके हुए मुर्दे के समान सोया पड़ा रहता है। उस समय इसे किसी बात की सुधि नहीं रहती।
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