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परमहंसगीता • अध्याय 5 • श्लोक 13
एकदासत्प्रसङ्गान्निकृतमतिर्व्युदकस्रोतः स्खलनवदुभयतोऽपि दुःखदं पाखण्ड- मभियाति ॥
कभी असत पुरुषों के संग से बुद्धि बिगड़ जाने के कारण सूखी नदी में गिरकर दुःखी होने के समान इस लोक और परलोक में दुःख देने वाले पाखण्ड में फँस जाता है।
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