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पैंगल • अध्याय 3 • श्लोक 1
अथ हैनं पैङ्गल; पप्रच्छ याज्ञवल्क्यं महावाक्यविवरणमनुब्रूहीति ॥
इसके पश्चात् पैङ्गल ऋषि ने याज्ञवल्क्य से कहा - ‘मुझे महावाक्यों का विवरण समझाइये'।
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