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नीति शतकम् • अध्याय 1 • श्लोक 7
स्वायत्तमेकान्तगुणं विधात्रा विनिर्मितं छादनमज्ञतायाः । विशेषतः सर्वविदां समाजे विभूषणं मौनमपण्डितानाम् ।।
मूर्खों को अपनी मूर्खता छिपाने के लिए ब्रह्मा ने “मौन धारण करना” अच्छा उपाय बता दिया है और वह उनके अधीन भी कर दिया है। मौन मूर्खता का ढक्कन है। इतना ही नहीं वह विद्वानों की मण्डली में उनका आभूषण भी है।
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