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निरालम्ब • अध्याय 1 • श्लोक 21
देवमनुष्याद्युपासनाकामसंकल्पो बन्धः॥
मनोकामना की पूर्ति के संकल्पपूर्वक की गई देवताओं और मनुष्यों की उपासना भी बन्धन रूप है।
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