इन उपाधियों और भ्रान्तियों के योग से ही परमपुरुषजीव के रूप में प्रतीत होता है; वास्तव में वह अन्य कुछ नहीं है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मुद्गल के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।