कुल, गोत्र, जाति, वर्ण, आश्रम और रूप — ये षड्भ्रम(आत्मा के विषय में होने वाले छह प्रकार के मिथ्या अभिमान अथवा भ्रान्तियाँ) कहलाते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मुद्गल के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।