प्रेरक वायु द्वारा जिस (अलकापुरी) के सात मंजिलों वाले भवनों के ऊपर के भागों में ले जाये गये, चित्रों में जल कणों से दोष को उत्पन्न करके, शीघ्र ही भय से स्पर्श किये गये, मानो धुएँ के निकलने का अनुकरण करने में निपुण तुम्हारे जैसे मेघ छिन्न-भिन्न होकर खिड़कियों में से निकल जाते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मेघदूतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मेघदूतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।