मध्य में बिजली वाले (और) धीर हुए (तुम) अपने जल की बूंदो से शीतल वायु द्वारा उस मनस्विनी को उठाकर चमेली की नयी कलियों के साथ आश्वस्त हुई तथा तुमसे युक्त झरोखे पर निश्चल दृष्टि लगायी हुई के साथ गर्जन रूपी वचनों से बोलना प्रारम्भ करना।
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