साधारण (तेल आदि से रहित) स्नान से रूखे, निश्चय ही कपोलों तक लटकने वाले बालों की किसलय के समान निचले ओठ को पीड़ित (तपाने वाले) कर देने वाले लम्बे साँस से हिलाती हुई, (तथा) स्वप्न में उत्पन्न भी मेरा संभोग किसी प्रकार प्राप्त हो जाये - इस प्रकार आँखों के पानी के प्रवाह से रोके गये स्थान वाली निद्रा की इच्छा करती हुई (उस पतिव्रता को देखना)।
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