जिस (अलकापुरी) में घोड़े पत्तों के समान हरे (इसलिए) वर्ण और वेग में सूर्य के घोड़ों से प्रतिस्पर्धा करने वाले हैं, हाथी पर्वतों के समान ऊँचे तथा मद के टपकने (बहने) के कारण तुम्हारे समान वर्षा करने वाले हैं, श्रेष्ठ योद्धा युद्ध में रावण के सामने टिके हुये (इसलिए रावण की) चन्द्रहास नामक तलवार के घाव रूपी चिन्हों के कारण आभूषण धारण करने की इच्छा को छोड़े हुए हैं ।
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