जहाँ (अलकापुरी में) भवनों के अन्दर अपार निधियाँ रखने वाले, अप्सरा रूपी वेश्याओं को साथ लिये बातचीत करते हुए कामीजन प्रतिदिन मधुर स्वर वाले (और) कुबेर के यश को ऊँचे स्वर में गाने वाले किन्नरों के साथ वैवाज नाम वाले बाहरी उद्यान का उपभोग करते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मेघदूतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मेघदूतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।