वहाँ (हिमालय में) शिला पर प्रकट हुए, सिद्ध नामक देवों द्वारा निरन्तर की गयी पूजा वाले, भगवान् शिव के चरण चिह्नों की भक्ति से झुककर प्रदक्षिणा करना, जिस (चरण चिह्न) को देख लेने पर पाप मुक्त हुए श्रद्धालुजन शरीर त्याग के बाद (शिव के) गणों के शाश्वत पद को प्राप्त करने में समर्थ होते है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मेघदूतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मेघदूतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।