यहाँ (उज्जयिनी में) वत्सदेश के राजा (उदयन) ने प्रद्योत की प्रिय पुत्री (वासवदत्ता) का अपहरण किया था, यहाँ उसी राजा (प्रद्योत) का स्वर्णमय ताल (ताड़) वृक्षों का वन था, यहाँ नलगिरि नामक हाथी मद से खम्बे को उखाड़कर घूमता फिरा। इस प्रकार (पुरानी कथाओं के) जानकार लोग बाहर से आये हुये बसुओं का मनोरंजन करते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मेघदूतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मेघदूतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।