(हे मेघ!) तुम्हारे पास आने पर दशार्ण देश कलियों के अग्रभाग में विकसित केतकी के पुष्पों से पीली-सी कान्ति वाले उपवनों के घेरों वाला, घर की बलि को खाने वाले (कौए आदि) पक्षियों के घोंसले की रचना से व्याप्त ग्राम की गलियों के पवित्र (पीपल आदि) वृक्ष वाले, पके हुए फलों से काले बने हुए जामुन वनों के भाग वाला और कुछ दिन ठहरे हुए हंसों वाला हो जायेगा।
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