वर्षा कर चुके हुए (तुम) तीव्र गंध वाले, जंगली हाथियों के मद से सुगन्धित (और) जामुनों के कुओं द्वारा रोके गये वेग वाले उसके (नर्मदा के) जल को लेकर जाना। हे मेघ! वायु अन्दर बल से युक्त तुझको हिलाने में समर्थ न हो सकेगा; क्योंकि खाली हुए सब हल्के होते हैं (तथा) भरा हुआ होना भारीपन का कारण होता है।
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