रत्नों की कान्तियों के मिश्रण के समान दर्शनीय यह इन्द्रधुनष का टुकड़ा सामने बाँबी के अग्र भाग से निकल रहा है, जिससे तुम्हारा श्याममल शरीर उज्ज्वल कान्ति वाले मोर के पंख से गोपवेश धारण करने वाले विष्णु (कृष्ण) के श्यामल शरीर के समान अत्यन्त शोभा को प्राप्त होगा।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मेघदूतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मेघदूतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।