वाग्दान करने के बाद जिस कन्या का पति मर जाय, उस कन्या के साथ उसका अपना देवर (उसी मृत पति का छोटा सहोदर भाई) इसके आगे (९।७०) कथित विधि से विवाह (उस कन्या को प्राप्त) करे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।