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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 68
ततः प्रभृति यो मोहात्प्रमीतपतिकां स्त्रियम् । नियोजयत्पत्यार्थं तं विगर्हन्ति साधवः ।।
तब ('वेन' शासन-काल) से जो मनुष्य मृत पति वाली विधवा स्त्री को सन्तान के लिए (देवर आदि के साथ) मोह वश नियुक्त करता है; उसकी सज्जन लोग निन्दा व्करते हैं।
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