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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 66
अयं द्विजैरविद्वद्भिः पशुधर्मो विगर्हितः । मनुष्याणामपि प्रोक्तो वेने राज्यं प्रशासति ।।
राजा वेन के शासनकाल में मनुष्यों के लिए भी कहे गये इस पशु धर्म की विद्वान् द्विजों ने निन्दा की है।
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