विधवा स्त्री में पति या गुरु से नियुक्त देवर या सपिण्ड पुरुष सम्पूर्ण शरीर में घी लगाकर तथा मौन होकर रात में (सम्भोग करके, एक पुत्र को उत्पन्न करे, द्वितीय पुत्र को कदापि उत्पत्र नहीं करे)।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।