मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 59
देवराद्वा सपिंडाद्वा स्त्रिया सम्यङ्नियुक्तया । प्रजेप्सिताऽधिगन्तव्या संतानस्य परिक्षये ।।
सन्तान के अभाव होने पर पति या गुरु से नियुक्त (आज्ञप्त) स्त्री को देवर (पति का छोटा भाई) या सपिण्ड के साथ (९/६०) श्लोक में वर्णित विधि के अनुसार) सन्तान प्राप्त करना चाहिये।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें