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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 58
ज्येष्ठो यवीयसो भार्या यवीयान्वाऽग्रजस्त्रियम् । पतितौ भवतो गत्वा नियुक्तावप्यनापदि ।।
(अतएव) बड़ा भाई छोटे भाई की स्त्री (भवह) के साथ तथा छोटा भाई बड़े भाई की स्त्री (भौजाई) के साथ आपत्तिकाल के बिना नियुक्त होने पर भी सम्भोग करके पतित हो जाते हैं।
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