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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 56
एतद्वः सारफल्गुत्वं बीजयोन्योः प्रकीर्तितम् । अतः परं प्रवक्ष्यामि योषितां धर्ममापदि ।।
(भृगु मुनि महर्षियों से कहते हैं कि मैंने) बीज तथा क्षेत्र की प्रधानता और अप्रधानता को तुम लोगों से कहा - इसके बाद आपत्ति में (सन्तान नहीं होने पर) स्त्रियों के धर्म को कहूँगा।
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