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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 55
एष धर्मो गवाश्वस्य दास्युष्ट्राजाविकस्य च । विहङ्गमहिषीणां च विज्ञेयः प्रसवं प्रति ।।
यही (९/४९-५४ में कथित) व्यवस्था गाय, घोड़ा दासी, बकरी, भेड़, पक्षी और भैंस की सन्तान के प्रति भी जाननी चाहिये।
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