क्षेत्र स्वामी के पुत्राधिकारी होने में अन्य दृष्टान्त-
पृथोरपीमां पृथिवीं भार्यां पूर्वविदो विदुः ।
स्थाणुच्छेदस्य केदारमाहुः शल्यवतो मृगम् ।।
पुरावित् (प्राचीन इतिहास के ज्ञाता महर्षि आदि) लोग इस पृथ्वी को पृथु की भार्या मानते हैं। खुत्थ (ठुठ पेड़) काटने (पर भूमि को समतल करके खेत बनाने) वाले का खेत मानते हैं और पहले बाण मारने वाले का मृग मानते हैं।
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