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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 35
बीजस्य चैव योन्याश्च बीजमुत्कृष्टमुच्यते । सर्वभूतप्रसूतिर्हि बीजलक्षणलक्षिता ।।
बीज तथा क्षेत्र में बीज ही श्रेष्ठ कहा जाता है। अतएव सब जीवों की सन्तान बीज के लक्षणों से युक्त ही उत्पन्न होती है।
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