स्त्री क्षेत्ररूप (धान्य बोने के खेततुल्य) है और पुरुष बीजरूप (धान्यादि के बीजतुल्य) है। क्षेत्र तथा बीज (स्त्री-पुरुष) के संसर्ग से सब प्राणियों की उत्पत्ति होती है।
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