मणिमुक्ताप्रवालानां लोहानां तांतवस्य च ।
गन्धानां च रसानां च विद्यादर्घबलाबलम् ।।
मणि, मोती, मूँगा, लोहा, कपड़ा गन्ध (कर्पूर आदि) और रस (नमक आदि) के मूल्य की कमी-वेशी को वैश्य देश-कालानुसार मालूम करे।
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