प्रजापतिर्हि वैश्याय सृष्ट्वा परिददे पशून् ।
ब्राह्मणाय च राज्ञे च सर्वाः परिददे प्रजाः ।।
ब्रह्मा ने पशुओं की सृष्टि करके पालन (करने के लिए) वैश्यों को दिया तथा सब प्रजाओं की सृष्टि करके (रक्षा करने के लिए) ब्राह्मण तथा राजा को दिया।
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