राजा पापियों (अपराधियों) को दण्डित करने में सर्वदा प्रचण्ड तथा असह्य तेजवाला होवे तथा दुष्ट (प्रतिकूल व्यवहार करनेवाले) मन्त्री आदि का वध करनेवाला होवे, यह राजा का 'आग्नेयत्रत' है।
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