सीताद्रव्यापहरणे शस्त्राणामौषधस्य च।
कालमासाद्य कार्य च राजा दण्डं प्रकल्पयेत् ।।
खेती के साधन हल-कुदाल आदि, तलवार आदि शस्त्र और दवा को चुराने पर चुरायी गयी वस्तुओं की समयोपयोगिता का विचारकर तदनुसार दण्डविधान करे।
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