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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 288
बन्धनानि च सर्वाणि राजमार्गे निवेशयेत्‌ । दुःखिता यत्र दृश्येरन्विकृताः पापकारिणः ।।
राजा सब प्रकार के बन्धनगृह (जेल, हवालात आदि) को सड़क पर बनवावे। (हथकड़ी-बेड़ी पहनने से) दूषित, दाढ़ी-मूछ आदि बढ़ने से विकृत तथा भूख आदि से दुर्बल अपराधी बन्दियों (कैदियों) को लोग जहाँ देखें।
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