चिकित्सा करने वाला यदि अज्ञानवश पशुओं की ठीक चिकित्सा न करे तो उसे प्रथम साहस (२५० पण--८।१३८) तथा मनुष्यों की ठीक चिकित्सा न करे तो उसे मध्यम साहस (५०० पण--८।१३८) से राजा दण्डित करे।
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