पुत्र आदि के लिए बनवाये गये तडाग आदि के पानी को जो कोई चुरावे अर्थात् चोरीकर खेत आदि की सिंचाई करे अथवा उसके पानी जाने के मार्ग को बाँधकर आदि बाँधक रोके या नष्ट कर दे, उस व्यक्ति को राजा प्रथम साहस (८।१३८-२५० पण) से दण्डित करे।
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