तडागभेदकं हन्यादप्सु शुद्धवधेन वा ।
यद्वाऽपि प्रतिसंस्कुर्याद्दाप्यस्तूत्तमसाहसम् ।।
तडाग (पोखरा, अहरा आदि सार्वजनीन जलाशय) के बाँध या पुल तोड़ने वालों को राजा पानी में डुबाकर या दूसरे प्रकार से वध करे अथवा यदि वह उस तोड़े हुए पुल या बाँध को ठीक करा दे तो उसे उत्तम साहस (८।१३८ एक सहस्र पण) से दण्डित करे।
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